आते हुए तूफ़ान को छूने की जिद न कर.

आते हुए तूफ़ान को छूने की जिद न कर.

रहने दे आसमान को छूने की जिद न कर.

रह-रह के टीसता है मेरी उंगलियों का जख्म

अब तीर और कमान को छूने की जिद न कर.

मलवे में दफ्न होंगी किस-किस की ख्वाहिशें

उजड़े हुए मकान को छूने की जिद न कर.

कडवी है कि मीठी है जैसी भी है अपनी है

नाहक मेरी जुबान को छूने की जिद न कर.

तुझको पता है जो कहेंगे झूट कहेंगे

अब गीता और कुरआन को छूने की जिद न कर.

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