जिंदगी तार-तार है

हर कोई बेक़रार है बाबा!

जाने कैसा दयार है बाबा !

जिंदगी तार-तार है बाबा!

मौत का इंतज़ार है बाबा!

आओ मिलजुल के हम चुका डालें

कुछ जमीं का उधार है बाबा!

अब तो कुछ भी नज़र नहीं आता

कैसा गर्दो-गुबार है बाबा!

पूरे होंगे हमारे सपने भी

वक़्त का इंतज़ार है बाबा!

लोग कांटों से रंज रखते हैं

हमको फूलों से खार है बाबा!

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