अच्छे दिनों का कौन करे इंतजार और

आखिर कहां से लाइए सब्रो-करार और.

अच्छे दिनों का कौन करे इंतजार और.

 

शायद अभी यक़ीन का दर हो खुला हुआ

चक्कर लगा के देखते हैं एक बार और.

 

कुछ रहगुजर पे धूल भी पहले से कम न थी

कुछ हमने भी उड़ा दिया गर्दो-गुबार और.

 

बिजली किधर से दौड़ रही थी, पता नहीं

हर तार से जुड़ा हुा था एक तार और.

 

हमलोग तो बिगड़े हुए हालात हैं गोया

खाएंगे अभी वक्त के चाबुक की मार और.

 

आसां नहीं है वक़्त के फंदों को काटना

ए दोस्त, अभी चाहिए चाकू में धार और.

 

मैंने कहा, किसी की दुआ काम न आई

उसने कहा, ख़ुदा पे करो एतबार और.

 

गौतम जो सामने है उसी को कुबूल कर

माना बचे हुए हैं अभी जां-निसार और.

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